
नेवीगेशन सैटेलाइट आईआरएनएसएस 1 सी का सफल परीक्षण
भारत ने आज सफलतापूर्वक इसरो के पीएसएलवी सी-26 के जरिए आईआरएनएसएस उपग्रह को लांच कर दिया. उपग्रह को यहां तड़के एक बजकर 32 मिनट पर लांच किया गया और इस सफलता से माना जा रहा है कि भारत अमेरिका के ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम की ब…

सस्ती लागत कीमती उपलब्धि
भारत शुरू से ही अपने उत्पादों को सस्ता बनाने में माहिर है। इसकी मिसाल विश्व की सबसे सस्ती कार नैनो (2600 डालर), सबसे सस्ता टैबलेट आकाश (2500 रुपया) के बाद भारत अब मंगल पर स्पेसक्राफ्ट भेजने में सबसे कम पैसा खर्च कर इस कड…

"मॉम " से मिला मंगल ,ऐतिहासिक कामयाबी
शशांक द्विवेदी भारत के लिए बुधवार की सुबह बाकी दिनों से अलग थी , सुबह 4 बजे से ही बेंगलूरू के इसरो सेंटर में वैज्ञानिकों में रोमांच और बेचैनी का आलम था । अंतरिक्ष की दुनिया में भारत इतिहास बनाने जा रहा था । सुबह 7 बजकर 1…

अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत इतिहास रचने के करीब
मंगल पर “विजय” की तैयारी लिक्विड इंजन का परीक्षण सफल शशांक द्विवेदी पिछले कई सालों से यह जानने की कोशिशें चलती रही हैं कि पृथ्वी के बाहर जीवन है या नहीं । इस दौरान कई खोजों से ये अंदेशा हुआ कि शायद मंगल ग्रह पर जीवन है ।…

जीएसएलवी डी- 5 का सफल प्रक्षेपण-ऐतिहासिक उपलब्धि
शशांक द्विवेदी इसरो ने देश में निर्मित क्रायोजेनिक इंजन के जरिये रॉकेट जीएसएलवी डी- 5 का सफल प्रक्षेपण कर अंतरिक्ष के क्षेत्र में लंबी छलांग लगाकर नया इतिहास रच दिया। आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष क…
विज्ञान पत्रकारिता से गायब है विशेषज्ञ लेखन
मीडिया में मंगल अभियान की स्तरीय कवरेज ना होने पर आशीष कुमार के विचार हिंदी पत्रकारिता में विशेषज्ञ लेखन की स्थिति सोचनीय है। हिंदी प्रिंट मीडिया हो या इलेक्ट्रानिक मीडिया दोनों में ही विशेषज्ञ पत्रकारों की संख्या नगण्य…

मंगल पर जीवन की तलाश
भारत के मंगल अभियान पर विशेष इसरों की ऊँची उड़ान देश की सबसे बड़ी कामयाबी भारत ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में इतिहास रचते हुए अपने मंगल मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया और पीएसएलवी सी25 रॉकेट के माध्यम से मार्स आर्बिटर यान को…

विलक्षण प्रतिभा के धनी थे डॉ. सुब्रह्मण्यम् चंद्रशेखर
नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक डॉ सुब्रह्मण्याम चंद्रशेखर की जयंती पर विशेष खगोल भौतिकी को नई दिशा दी न्यूट्रॉन तारे और ब्लैक होल के अस्तित्व बताया देश में ब्रेन.ड्रेन के सबसे बड़े उदहारण अपनी खोजों से न्यूट्रॉन तारे और…
वैज्ञानिक प्रगति कि ओर अग्रसर भारत
प्रमोद जोशी भारत ने अपने नेवीगेशन सैटेलाइट का प्रक्षेपण करके विज्ञान और तकनीक के मामले में जितना लम्बा कदम रखा है उतना हमने महसूस नहीं किया। इस नेटवर्क को पूरा करने के लिए अभी छह और सैटेलाइट भेजे जाएंगे। यह काम 2015 तक प…

भारत के मंगल अभियान पर विशेष प्रस्तुति :चार भागों में
मंगल अभियान पर शशांक द्विवेदी की इस विशेष प्रस्तुति में लेख को चार भागों में बाटा गया है पहला भाग :भारत का मंगल अभियान दूसरा भाग : मंगल गृह एक झलक तीसरा भाग : नासा का मार्स रोवर क्यूरियोसिटी अभियान चौथा भाग : मंगल के लिए…

अंतरिक्ष की चुनौतियाँ
Dainik Jagran article link http://epaper.jagran.com/epaper/01-apr-2013-262-edition-National-Page-1.html http://epaper.jagran.com/epaperimages/01042013/delhi/31ned-pg8-0.pdf
पृथ्वी से पहले मंगल पर जीवन?
मुकुल व्यास ॥ प्राचीन मंगल में परिस्थितियां जीवन के लिए सहायक थीं। आज बेजान सा दिखने वाला लाल ग्रह तब माध्यमिक रूप से गर्म था और वहां पानी भी मौजूद था। मंगल पर सक्रिय नासा के क्यूरिऑसिटी रोवर ने पता लगाया है कि अतीत में…