पर्यावरण की औद्योगिक संभावनाओं की तलाश
अनिल पी जोशी, पर्यावरणविद दुनिया के विकास की बढ़ती गति का पीछा बिगड़ता पर्यावरण भी कर रहा है। यह भी नहीं भूलना चाहिये कि फिलहाल दुनिया का ऐसा कोई भी देश नही है जो आपदा और बिगड़ते पर्यावरण की मार न झेल रहा हो। पिछले दो वर…
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट पर सवाल
भारत में जो ग्रीन हाउस गैसें उत्सर्जित भी हो रही हैं तो वे अल्पकालिक असर वाली हैं, विकसित देशों की तरह वह दीर्घकालिक दुष्प्रभावों वाली नहीं। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की एक रिपोर्ट की निष्पक्षता पर भारत सरकार ने सव…
कब जागेंगे हम ?
यूनाइटेड स्टेट्स फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑन क्लाइमेट चेंज की ताजा रिपोर्ट हर व्यक्ति के लिए पानी की उपलब्धता १६५४ क्यूबिक मीटर है। २०५० तक ११४० क्यूबिक मीटर रह जाएगी। १९५१ में भारतीयों के पास प्रति व्यक्ति ५१७७ क्यूबिक मीटर प…
अस्तित्व का संकट
अस्तित्व का संकट रिपोर्ट कहती है कि एशिया में गर्म दिन बढ़ सकते हैं या फिर सर्द दिनों की संख्या में भी इजाफा हो सकता है। एकाएक भारी बारिश की घटनाएँ हो सकती हैं या फिर अचानक से बादल फट सकते हैं अर्थशास्त्री ईएफ शूमाकर की…
ग्लोबल वार्मिंग से समाधान
सफेद रंग की छतों से रुकेगी ग्लोबल वार्मिंग यदि हम घर की छतों पर सफेद पेंट कर दें और सड़कों और पगडंडियों पर हल्के रंग वाले पदार्थो का प्रयोग करें तो हमारे शहर गर्मियों में तापमान में गिरावट महसूस करेंगे। इससे कॉर्बन बचेगा…