हिग्स बोसॉन और हॉकिंग
आइंस्टाइन के बाद आधुनिक भौतिकी के सबसे ज्यादा परिचित चेहरे स्टीफन हॉकिंग को उनके खोजी दिमाग के अलावा अलमस्त स्वभाव और सोच के चुलबुलेपन के लिए भी जाना जाता है। जिस हिग्स बोसॉन को इस सदी की सबसे बड़ी खोज कहा जा रहा है और ज…
एड्स एक काल्पनिक बीमारी -एड्स पर संदेह
एड्स पर संदेह -डा. मनोहर भण्डारी दुनिया के अनेक वैज्ञानिक चीख- चीख कर कह रहे हैं कि कुछ वैज्ञानिकों, दवा कम्पनियों, जांच के उपकरणों और रसायन बनाने वाली कम्पनियों तथा मीडिया के सहयोग से एड्स नामक काल्पनिक बीमारी, दुनिया प…

जनसत्ता में प्रकाशित -मंगल पर जीवन की खोज में
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शेल गैस पर विशेष
शेल गैस तथा उसके उत्पादन के पर्यावरणीय पहलुओं को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. इस प्रकार के ऊर्जा संसाधन के विकास के प्रति यूरोप का दृष्टिकोण अत्यन्त ही संदिग्ध है. लेकिन अमेरिका में शेल गैस का उत्पादन शेल तेल…
अब स्टार वार्स जैसी लाइटसेबर संभव
मुकुल व्यास।। आपने फिल्म स्टार वार्स में जेडी योद्धा को लेजर की तलवार (लाइटसेबर) भांजते हुए देखा होगा। अब वैज्ञानिकों ने इस साइंस फिक्शन फिल्म की कल्पना को हकीकत में बदल दिया है, हालांकि उन्हें यह सफलता महज संयोग से मिली…
गॉड पार्टिकल, नोबेल के बाद
चंद्रभूषण।। पिछले साल जुलाई में गॉड पार्टिकल खोज लिए जाने का इतना हल्ला मचा और अब इसकी स्थापना देने वाले हिग्स और एंग्लर्ट को नोबेल दे दिया गया है। उस समय इस बारे में कई विद्वत्तापूर्ण वैज्ञानिक, दार्शनिक और आध्यात्मिक ल…

क्रायोजेनिक तकनीक में आत्मनिर्भरता जरूरी
राष्ट्रीय सहारा शशांक द्विवेदी हाल में ही भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने स्वदेश निर्मित क्रायोजनिक इंजन वाले जीएसएलवी डी 5 की प्रस्तावित लांचिंग एन मौके पर रोक दी । इसरो प्रमुख के राधा कृष्णनन के अनुसार जीएसएलव…

अग्नि-5-कामयाबी के साथ चुनौतियाँ भी
शशांक द्विवेदी दैनिक जागरण एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए भारत ने स्वदेशी तकनीक से तैयार इंटर कांटीनेंटल बैलास्टिक मिसाइल (आईसीबीएम )अग्नि-5 का सफल परीक्षण कर लिया है । रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन के अनुसार यह मिसाइल सभ…
मंगल ग्रह की यात्रा के लिए कतार
मंगल अतीत में भले ही हरा-भरा रहा हो, लेकिन आज वह एक बंजर स्थान है और वहां की परिस्थितियां जीवन के अनुकूल नहीं हैं। घूमने-फिरने के लिहाज से उसे ऐसा आदर्श पर्यटन स्थल नहीं कहा जा सकता जहां लोग जाने को बेताब हो जाएं, लेकिन…

शिक्षक दिवस -रस्म अदायगी से आगे सोचना होगा
दैनिक जागरण शशांक द्विवेदी हर साल हम सिर्फ रस्म अदायगी के लिए 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाते हैं और पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली डॉ राधा कृष्णन को याद करते हैं। आधुनिक दौर में शिक्षा के वास्तविक उद्देश्य से हम दिनोदिन दूर ह…
शिक्षक दिवस -व्यवस्था के लिए मिसाल बनें गुरु
प्रोफेसर यशपाल, प्रसिद्ध शिक्षाविद् और वैज्ञानिक वे आजादी के दिन थे। मुल्क का बंटवारा हो चुका था। हम पाकिस्तान वाले हिस्से से रिफ्यूजी बनकर हिन्दुस्तान पहुंचे। जख्म हरे थे, पर सपने नए थे। हालांकि, हमारे पास पढ़ने का कोई…
आकाश 4 में क्षेत्रीय भाषाओं में पढऩे की सुविधा
प्रौद्योगिकी के माध्यम से उच्च शिक्षा से सुदूर क्षेत्र के छात्रों को जोडऩे के प्रयासों के तहत अब सस्ता टैबलेट ‘आकाश 4′ अगले वर्ष जनवरी तक पेश किया जाएगा जिसमें देश की कई क्षेत्रीय भाषाओं में पढऩे और संपादन करने की सुविधा…