सिर्फ कौशल नहीं काम भी जरूरी
पिछले आम चुनाव में रोजगार एक बड़ा मुद्दा बना था, जिसे ठोस रूप देने के लिए मोदी सरकार ने 'मेक इन इंडिया' और 'स्किल इंडिया' को अपने वर्किंग अजेंडा में काफी ऊंची जगह दे रखी है। इन दोनों नारों का जमीनी शक्ल लेना अभी बाकी है,…
प्राथमिक शिक्षा में नवाचार
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण, जिसके जरिए देश के हर नागरिक को आधार दिया जा रहा है, के पूर्व मुखिया नंदन नीलेकणि अब शिक्षा की अलख जगाने के लिए आगे आ रहे हैं। नीलेकणि की योजना है कि प्राथमिक शिक्षा में नवाचार किया जाए ताक…
स्किल इंडिया पर निर्भर मेक इन इंडिया
सतीश पेडणोकर भारत को मैन्यूफैक्चरिंग हब बनाकर करोड़ों लोगों को रोजगार देने के लिए मोदी सरकार ने मेक इन इंडिया जैसी महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है। देशिवदेश में इसकी र्चचा है। लेकिन इसे सफल बनाने के लिए देशी-विदेशी पूंजी…

डिजिटल इंडिया और महंगा इंटरनेट
शशांक दि्वेदी डिप्टी डॉयरेक्टर(रिसर्च), मेवाड़ विश्वविद्यालय "हिंदुस्तान " के संपादकीय पेज पर 25जून2015 को प्रकाशित "HINDUSTAN" पिछले दिनों 1.1 लाख करोड़ रुपये की 2जी -3जी स्पेक्ट्रम नीलामी से सरकार का खजाना तो भर गया, लेक…

अभी दूर है स्किल इंडिया का सपना
नवभारत टाइम्स (NBT) शशांक द्विवेदी डिप्टी डायरेक्टर (रिसर्च ),मेवाड़ यूनिवर्सिटी नवभारत टाइम्स (NBT) के संपादकीय पेज पर प्रकाशित अपने पहले साल में मोदी सरकार ने विज्ञान, शोध, तकनीक और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के ल…

आई गर्मी शुरू हुई पानी की मुश्किल
शशांक द्विवेदी नवभारतटाइम्स(NBT) के संपादकीय पेज में 20/04/2015 को प्रकाशित नवभारतटाइम्स(NBT) पिछले दिनों पेयजल की कमी की आशंका को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा में कहा कि अगर दिल्ली में पानी की…
सेहत को बड़ा नुकसान पहुँचा रहा है मोबाईल फोन
अत्यधिक मोबाइल उपयोग से कैंसर का खतरा एक ताजा अध्ययन से पता चला है कि मोबाइल फोन का अत्यधिक इस्तेमाल करने से कोशिकाओं में एक तरह का तनाव पैदा होता है, जो कोशिकीय एवं अनुवांशिक उत्परिवर्तन से संबद्ध है तथा इसके कारण कैंसर…
इसरो में केवल 2 प्रतिशत इंजीनियर ही आईआईटी और एनआईटी से
भारत को अंतरिक्ष की ऊंचाइयों तक पहुंचाने में इसरो की महत्वपूर्ण भूमिका है। लेकिन काबिल वैज्ञानिकों और इंजीनियर्स को आकर्षित करने के मामले में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (इसरो) काफी पीछे है। देश के शीर्ष तकनीकी संस्…

वैज्ञानिक चेतना पैदा करने की जरुरत
शशांक द्विवेदी LOKMAT पिछले दिनों प्रसिद्ध वैज्ञानिक और भारत रत्न प्रोफेसर सी एन आर राव ने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी ने “विकास “ की बात तो बहुत की लेकिन “विज्ञान” और “उच्च शिक्षा “ के लिए कुछ खास नहीं किया। जबकि देश मे…

आम आदमी को विज्ञान से जोड़ना होगा
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर विशेष dainik Jagran शशांक द्विवेदी देश में वैज्ञानिक चेतना पैदा करने के उद्देश्य से हर साल 28 फरवरी को भारत में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है। लेकिन पिछले कुछ सालों से विज्ञान दिवस एक सरक…
आइवीएफ पर विवाद
ब्रिटेन में विवादास्पद आइवीएफ तकनीक को मंजूरी इस तकनीक का मकसद बचपन की आनुवंशिक बीमारियों से छुटकारा दिलाना है, लेकिन भविष्य में इसका दुरुपयोग भी हो सकता है . ब्रिटेन में हाउस ऑफ कॉमंस ने भारी मतों से विवादास्पद आइवीएफ य…

बढ़ता प्रदूषण और घटती पैदावार
शशांक द्विवेदी प्रकाशन विभाग भारत सरकार की प्रमुख पत्रिका "योजना" के जनवरी अंक में प्रकाशित शशांक द्विवेदी का लेख अंग्रेजी भाषा में स्वच्छता को सैनिटेशन कहते है जबकि हिंदी भाषा में स्वच्छता का अर्थ बहुत व्यापक संदर्भो मे…