मोबाइल योजना तथा अन्य योजनाओं को आधार कार्ड से कनेक्ट करने का निर्णय लिया। सूत्रों के अनुसार उनकी पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात भी हुई है और उन्होंने अपनी योजना का खाका भी पेश किया है। राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार नंदन नीलेकणि कांग्रेस छोड़ सकते हैं। उल्लेखनीय है कि 2014 के चुनाव के दौरान उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया था। वे बेंगलूरू की दक्षिणी सीट से चुनाव भी लड़े, पर विजयी नहीं हुए। इसके बाद न तो कांग्रेस की राज्य इकाई और न ही केन्द्रीय नेतृत्व ने उन्हें गंभीरता से लिया।
मोबाइल योजना तथा अन्य योजनाओं को आधार कार्ड से कनेक्ट करने का निर्णय लिया। सूत्रों के अनुसार उनकी पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात भी हुई है और उन्होंने अपनी योजना का खाका भी पेश किया है। राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार नंदन नीलेकणि कांग्रेस छोड़ सकते हैं। उल्लेखनीय है कि 2014 के चुनाव के दौरान उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया था। वे बेंगलूरू की दक्षिणी सीट से चुनाव भी लड़े, पर विजयी नहीं हुए। इसके बाद न तो कांग्रेस की राज्य इकाई और न ही केन्द्रीय नेतृत्व ने उन्हें गंभीरता से लिया।