प्रकाश क्या है पहले इसे समझिए
आइंस्टाइन नामक व्यक्ति का जहाँ-तहाँ नाम लेने से पहले प्रकाश को समझिए स्कन्द शुक्ला प्रकाश जो फ़ोटॉन नामक कणों से बना है और तरंग भी है। यानी प्रकाश द्विस्वभावी है और कण-तंरग , दोनों के गुण प्रदर्शित करता है। बहुत दिनों तक…
रोबोट को होगी स्पर्श की अनुभूति
इलेक्ट्रॉनिक स्किन वाले रोबोट यह भांप सकेंगे कि मनुष्यों के साथ संपर्क में आने के वक्त कितनी ताकत का प्रयोग करना चाहिए मुकुल व्यास कुछ वर्ष पहले हॉलीवुड की फिल्म ‘टर्मिनेटर’ में दिखाया गया धातु का रोबोटिक हाथ शक्तिशाली ज…
दूसरी आकाशगंगा में ग्रहों के प्रमाण
साइंस पत्रिका में प्रकाशित इस खोज से ब्रrांड के इतिहास के मूल सिद्धांत की बुनियाद हिल सकती है जिसे अभी तक कोई चुनौती नहीं मिली थी मुकुल व्यास खगोल वैज्ञानिकों ने पहली बार हमारी मिल्कीवे आकाशगंगा के बाहर ग्रहों की आबादी क…

देश की सामरिक क्षमता बढ़ाएगी ब्रह्मोस
युद्द में गेम चेंजर साबित हो सकती है ब्रह्मोस शशांक द्विवेदी डिप्टी डायरेक्टर , मेवाड़ यूनिवर्सिटी , राजस्थान एक बड़ी सामरिक कामयाबी हासिल करते हुए भारत ने सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल 'ब्रह्मोस' का सुखोई लड़ाकू विमान से सफल परी…

एड्स से जान गंवाने वालों लोगों की संख्या में कमी
शशांक द्विवेदी पिछले दिनों जारी संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की एक रिपोर्ट के अनुसार बीते एक दशक के दौरान पूरी दुनिया में एड्स की वजह से जान गंवाने वालों लोगों की संख्या में 50 फीसदी से अधिक की कमी दर्ज की गई है. साल 2005 में…
साक्षरता को मिशन बनाने की जरूरत
एम वेंकैया नायडू, उप-राष्ट्रपति चूंकि भारत भी आज दुनिया के तमाम देशों की तरह 51वां विश्व साक्षरता दिवस मना रहा है, तो इस मौके पर राष्ट्रों की तरक्की में साक्षरता की केंद्रीय भूमिका की तरफ मैं आप सबका ध्यान आकृष्ट करना चा…
गुरुत्वीय तरंगों से किस तरह बदलेंगी हमारी दुनियाँ
चंद्रभूषण सौ साल तक तो यह अटकल ही चलती रही कि इस तरह की कोई चीज संभव है या नहीं। यह आश्चर्य की बात है कि इसी दुविधा के माहौल में कुछ लोग इन तरंगों को दर्ज करने के उपकरण बनाने में भी जुटे रहे। उनके साहस का अंदाजा लगाकर आप…
5 जी से उम्मीदें और चुनौतियाँ
देश में मोबाइल टेलीफोन की 4-जी डाटा सेवा बहुत पहले ही शुरू हो गई थी, लेकिन अभी भी इसे लेकर की जाने वाली शिकायतें कम नहीं हुई हैं। आप 4-जी के जरिए किसी से बात करें, तो इसकी संभावना बहुत कम ही है कि बातचीत बिना किसी बाधा क…

गुरुत्व तरंगों से छंट रहा है ब्रह्मांड का धुंधलका
चंद्रभूषण साइंस-टेक्नॉलजी में एक नए युग की शुरुआत का साक्षी बनने का सौभाग्य हर पीढ़ी को प्राप्त नहीं होता लेकिन हमारी पीढ़ी इस दृष्टि से एक खास मामले में सौभाग्यशाली है। हम ग्रैविटेशनल वेव ऐस्ट्रॉनमी ( गुरुत्वीय तरंग खगो…
चार सौ साल और पुराना हुआ शून्य
चंद्रभूषण एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्वतंत्र संख्या के रूप में शून्य की खोज भारत में ही हुई है, इस बात को लेकर पूरी दुनिया में आम सहमति है। लेकिन यह ठीक-ठीक कब हुई, इसका खोजी कौन था, इसे लेकर आज भी बहस खत्म नहीं हुई है। इस सि…
लग्जमबर्ग में स्पेस कारोबार की शुरुआत
चंद्रभूषण यूरोप के छोटे से मुल्क लग्जमबर्ग में इसी हफ्ते स्पेस कारोबार की शुरुआत हुई है। स्टार्ट-अप कंपनी प्लैनेटरी रिसॉर्सेज ने वहां के राजपरिवार के संरक्षण में ढाई करोड़ यूरो (करीब दो अरब रुपये) की बीज पूंजी के साथ क्ष…

टेलिकॉम सेक्टर बढ़ रहा है या मर रहा है?
चंद्रभूषण देश के सामने अचानक एक बहुत बड़ी दुविधा आ खड़ी हुई है। दुविधा यह कि भारत का टेलिकॉम सेक्टर असाधारण ऊंचाइयां छूने जा रहा है या फिर इसके बिल्कुल विपरीत मृत्यु के कगार पर खड़ा है। भारत के आला उद्योगपति स्वर्गीय धीर…