क्लेमसन विश्वविद्यालय के केमिकल और बायॉ इंजिनियरिंग डिपार्टमेंट के प्रफेसर मार्क ब्लेनर ने कहा कि पेशाब और बाहर निकली कार्बन डाय-ऑक्साइड का इस्तेमाल उपयोगी खाद्य पदार्थ बनाने के लिए कर रहे हैं।
ब्लेनर ने कहा, 'अगर आप लंबे समय के लिए लोगों को अंतरिक्ष में भेजना चाहते हैं तो आप बाजार का सामान खरीद कर नहीं ले जा सकते।' अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA 2030 तक मंगल पर इंसान को भेजना चाहती है और इसके लिए इस तरह के विचारों को अपना रही है ताकि अंतरिक्ष में मानवों का लंबे समय तक रहना सहज हो सके।