प्लास्टिक से घर बनाना ईंट गारे के मकान से सस्ता भी है. नाइजीरिया में एक ईंट की कीमत उतनी है जितनी एक आम मजदूर दिन भर में कमाता है. लेकिन इस तरह की परियोजनाओं के लिए धन जुटाना आसान नहीं. इको टेक की सफलता के बावजूद परियोजनाओं के लिए स्पॉन्सर पाना मुश्किल है. आमतौर पर गैर सरकारी कंपनियां और छोटी ग्राम पालिकाएं इसके लिए मदद देती हैं. याह्या अहमद को उम्मीद है कि पर्यावरण और विकास के लिए इसके महत्व को देखते हुए जल्द ही नाइजीरिया की सरकार भी मदद के लिए सामने आएगी.
प्लास्टिक से घर बनाना ईंट गारे के मकान से सस्ता भी है. नाइजीरिया में एक ईंट की कीमत उतनी है जितनी एक आम मजदूर दिन भर में कमाता है. लेकिन इस तरह की परियोजनाओं के लिए धन जुटाना आसान नहीं. इको टेक की सफलता के बावजूद परियोजनाओं के लिए स्पॉन्सर पाना मुश्किल है. आमतौर पर गैर सरकारी कंपनियां और छोटी ग्राम पालिकाएं इसके लिए मदद देती हैं. याह्या अहमद को उम्मीद है कि पर्यावरण और विकास के लिए इसके महत्व को देखते हुए जल्द ही नाइजीरिया की सरकार भी मदद के लिए सामने आएगी.