क्रिस्पर तकनीक का फायदा यह है कि इससे दोषपूर्ण जीनों को कोशिकाओं से हटाया जा सकता है या उनके स्थान पर स्वस्थ जीन डाले जा सकते हैं। इस विधि से डीएनए कोड में अक्षरों की अशुद्धि भी दूर की जा सकती है। हार्वर्ड के डॉ. एसवेल्ट का मानना है कि जीन ड्राइव से मनुष्यों में बीमारियां फैलाने वाले कीटों में आनुवंशिक फेरबदल करके मानव स्वास्थ्य को लाभ पहुंचाया जा सकता है। इन कीटों में मच्छरों की वे प्रजातियां शामिल हैं जो मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का प्रसार करती हैं। जीन ड्राइव से ये मच्छर मनुष्यों के लिए खतरा नहीं रहेंगे। फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों में म्यूटेशन की वजह से उन पर कीटनाशक दवाओं का असर नहीं हो रहा है। ऐसे म्यूटेशन जीन ड्राइव विधि से निष्प्रभावी किए जा सकते हैं।
क्रिस्पर तकनीक का फायदा यह है कि इससे दोषपूर्ण जीनों को कोशिकाओं से हटाया जा सकता है या उनके स्थान पर स्वस्थ जीन डाले जा सकते हैं। इस विधि से डीएनए कोड में अक्षरों की अशुद्धि भी दूर की जा सकती है। हार्वर्ड के डॉ. एसवेल्ट का मानना है कि जीन ड्राइव से मनुष्यों में बीमारियां फैलाने वाले कीटों में आनुवंशिक फेरबदल करके मानव स्वास्थ्य को लाभ पहुंचाया जा सकता है। इन कीटों में मच्छरों की वे प्रजातियां शामिल हैं जो मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का प्रसार करती हैं। जीन ड्राइव से ये मच्छर मनुष्यों के लिए खतरा नहीं रहेंगे। फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों में म्यूटेशन की वजह से उन पर कीटनाशक दवाओं का असर नहीं हो रहा है। ऐसे म्यूटेशन जीन ड्राइव विधि से निष्प्रभावी किए जा सकते हैं।