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“अमरत्व” की खोज के लिए

पुराने जमाने के सनकी राजा-रानियों की तरह आज के अरबपति भी अमरत्व और लंबी उम्र पाने की राह पर चल पड़े हैं। गूगल के सहसंस्थापक सर्गी ब्रिन, अमेरिकी अरबपति टोनी कोरे, रूस के इंटरनेट उद्योगपति दिमित्री इट्सकोव और पेपॉल के संस…

“अमरत्व” की खोज के लिए
पुराने जमाने के सनकी राजा-रानियों की तरह आज के अरबपति भी अमरत्व और लंबी उम्र पाने की राह पर चल पड़े हैं। गूगल के सहसंस्थापक सर्गी ब्रिन, अमेरिकी अरबपति टोनी कोरे, रूस के इंटरनेट उद्योगपति दिमित्री इट्सकोव और पेपॉल के संस्थापक पीटर थेल। ये नाम हैं दुनिया के कुछ अरबपति लोगों के जिन्हें विश्वास है कि विज्ञान की मदद से वे 500 साल तक जीवित रह सकते हैं। इन लोगों ने वैज्ञानिक शोधों के लिए अपनी तिजोरियां खोल दी है। कुछ लोगों की इस पहल का मकसद मानवजाति की मदद है, तो कुछ ने अपने किसी करीबी की मृत्यु के बाद यह शोध शुरू कराए हैं। वहीं कई लोग ऐसे भी हैं, जो मृत्यु से डरकर विज्ञान की शरण में आ गए हैं। दुनिया में इस समय उम्र लंबी करने वाले कई प्रयोग चल रहे हैं। आइए देखते हैं कि विज्ञान इंसान की लंबी उम्र के लिए क्या कोशिश कर रहा है। 1. डीएनए बदल देंगे: गूगल की गोपनीय जीवन बढा़ने वाली अनुसंधान शाखा ‘कैलिफोर्निया लाइफ कंपनी’ में यह शोध चल रहा है। इसमें सिंथिया केंयान जैसी जानी-मानी वैज्ञानिक शोध कर रही हैं। सिंथिया ने ऐसा गोलकृमी बनाया है जो अपनी उम्र से 10 गुना ज्यादा जी सकता है। उन्होंने सिर्फ डैफ-2 नामक एक जीन को अप्रभावी करके यह करिश्मा किया है। दिलचस्प बात यह है कि इस जीन के जैविक परिवर्तन से इंसान भी 100 साल से ज्यादा जीते हैं। इसलिए सिंथिया को उम्मीद है कि सदाबहार युवा जीवन की परिकल्पना जल्द सच हो सकती है।
2.
स्टेम सेल से जवां हुए पीटर: स्टेम सेल की मदद से शरीर के अंग तैयार करने पर काफी शोध हो रहा है। कनाडा के अरबपति पीटर निगार्ड ने इस प्रयोग के लिए काफी आर्थिक मदद दी है। अब तक कई अंग तैयार भी हो चुके हैं और कई अन्य के लिए शोध जारी है। 70 साल के निगार्ड साल में चार बार अपनी स्टेम सेल का इंजेक्शन लेते हैं। उनका दावा है कि वे जवां होते जा रहे हैं। 3. नया रक्त: कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि शरीर के रक्त को बदलकर भी उम्र लंबी की जा सकती है। चूहों पर इस तरह के प्रयोग के दौरान उनकी क्षमता में वृद्धि के काफी संकेत मिले हैं। कैलिफोर्निया की स्टैंफोर्ड यूनिवर्सिटी में इस दिशा में शोध चल रहा है। 4. क्लोन: वैज्ञानिक शरीर बेकार होने के बाद उसे पूरी तरह बदल देने या उसकी जगह रोबोटिक वर्जन तैयार करने पर भी शोध कर रहे हैं। वहीं थ्री-डी प्रिंटर की मदद से भी एक के बाद एक अंगों का निर्माण जारी है। 5. आधा इंसान-आधी मशीन: रूस के अरबपति दमित्री के निवेश से यह प्रोजेक्ट शुरू हुआ है। इसमें मनुष्य के मस्तिष्क को रोबोट में डाल दिया जाएगा। अतिसूक्ष्म रोबोट करेंगे शरीर की हिफाजत
गूगल के इंजीनियरिंग विभाग के निदेशक रे कूर्जवेल ने अनुमान लगाया है कि 2030 तक गूगल ऐसे अतिसूक्ष्म रोबोट बना लेगा जो इंसानों की उम्र बढ़ा देंगे। ये नैनो रोबोट शरीर के रोग प्रतिरोधक तंत्र के साथ मिलकर काम करेंगे और शरीर में किसी जीवाणु-विषाणु के पहुंचते ही उसे खत्म कर देंगे। इस तरह मनुष्य सेहतमंद और लंबी उम्र हासिल कर लेगा। चूहों पर इस तरह के रोबोट का प्रयोग सफल रहा है। इससे इन जीवों की डायबिटीज की बीमारी का इलाज किया जा चुका है।

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