किसी ग्रह को रहने लायक तभी माना जाता है, जब वह अपने तारे से लगभग उतना ही प्रकाश लेता है, जितनी कि हमारी धरती सूर्य से लेती है। इससे ज्यादा प्रकाश आने से पानी भाप बनकर उड़ जाएगा और कम प्रकाश मिलने पर पानी जमकर बर्फ बन जाएगा। उदाहरण के लिए शुक्र ग्रह पर धरती की तुलना में दोगुना प्रकाश आता है और वहां सतह पर पानी की संभावना नहीं है। केपलर-438बी-
- -आकार में धरती से 12 फीसद बड़ा है।
- -35.2 दिनों में अपने तारे की परिक्रमा करता है।
- -ग्रह पर चट्टान पाए जाने की 70 फीसद संभावना।
- -धरती की तुलना में 40 फीसद अधिक प्रकाश ग्रहण करता है।
- -यहां पर जीवन की संभावना 70 फीसद मानी जा रही है।
- -धरती से 475 प्रकाश वर्ष दूर।
- -आकार में धरती से 33 फीसद बड़ा है।
- -112 दिनों में अपने तारे की परिक्रमा करता है।
- -चट्टान पाए जाने की 60 फीसद संभावना।
- -धरती की तुलना में दो तिहाई अधिक प्रकाश ग्रहण करता है।
- -यहां पर जीवन की संभावना 97 फीसद मानी जा रही है।
- -धरती से 1,100 प्रकाश वर्ष दूर।