हालांकि, जिस यान में बैठकर अंतरिक्ष यात्रियों को उड़ान भरना है उसका एक कू्र मॉडल हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने तैयार कर के इसरो को दिया है। अगस्त महीने में जीएसएलवी मार्क-3 के होने वाले प्रयोगात्मक प्रक्षेपण में इस कू्र मॉडल का उपयोग किया जाएगा। इस दृष्टिकोण से यह प्रक्षेपण काफी अहम है और इसपर अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के साथ-साथ पूरे देश की निगाहें हैं।
हालांकि, जिस यान में बैठकर अंतरिक्ष यात्रियों को उड़ान भरना है उसका एक कू्र मॉडल हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने तैयार कर के इसरो को दिया है। अगस्त महीने में जीएसएलवी मार्क-3 के होने वाले प्रयोगात्मक प्रक्षेपण में इस कू्र मॉडल का उपयोग किया जाएगा। इस दृष्टिकोण से यह प्रक्षेपण काफी अहम है और इसपर अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के साथ-साथ पूरे देश की निगाहें हैं।