Skip to content
Special Articles

बदल जायेगा मानव का इतिहास!

मानव के इतिहास की कहानी काफी दिलचस्प है. शुरुआती इतिहास को जानने की इसी दिलचस्पी के कारण मानवों के प्राचीन अवशेषों का अध्ययन आज भी जारी है. इसी कड.ी में नया अध्ययन सामने आया है कि मानवों की नीयनडर्थल्स और आधुनिक मानवों क…

बदल जायेगा मानव का इतिहास!

मानव के इतिहास की कहानी काफी दिलचस्प है. शुरुआती इतिहास को जानने की इसी दिलचस्पी के कारण मानवों के प्राचीन अवशेषों का अध्ययन आज भी जारी है. इसी कड.ी में नया अध्ययन सामने आया है कि मानवों की नीयनडर्थल्स और आधुनिक मानवों की प्रजाति का अस्तित्व एक साथ नहीं रहा है. अगर यह अध्ययन पूरी तरह सच साबित हुआ, तो मानव प्रजाति के आरंभिक इतिहास को फिर से लिखने की जरूरत पड. सकती है. अध्ययन में कहा गया है कि हमारे समतुल्य पूर्वजों का पलायन स्पेन में हुआ और यह पलायन पहले के अध्ययन की अपेक्षा कापी पहले हुआ था. उनकी हड्डियों के अवशेषों के आधार पर पता लगाया गया है कि उनका पलायन 50,000 वर्ष पहले हो गया था और ऐसा माना जाता है कि मानव इस क्षेत्र में 42000 वर्ष से पहले नहीं रहा होगा. अध्ययन के नतीजों में कहा गया है कि आखिरी नीयनडर्थल्स का पता लगाना आसान नहीं है, लेकिन इस बात के पुख्ता प्रमाण हैं कि यूरोपीय क्षेत्र में मानव और नियनडर्थल्स कभी एक साथ नहीं रहे होंगे. नेशनल अकेडमी ऑफ साइंस में छपे शोध में कहा गया है- हालांकि इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि नीयनडर्थल्स 35,000 वर्ष पहले नहीं रहे होंगे. अध्ययनकर्ताओं ने यह अनुमान स्पेन में नीयनडर्थल्स क्षेत्र में 11 अवशेषों में से दो का अध्ययन करने के बाद लगाया है.

Continue reading

Special Articles

All in topic
एलपीजी का सशक्त विकल्प है बायोगैस
Special Articles

एलपीजी का सशक्त विकल्प है बायोगैस

डॉ. शशांक द्विवेदी परियोजना प्रबंधक , टीएसएससी (कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय , भारत सरकार) भारत आज ऊर्जा परिवर्तन के एक महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है। एक ओर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना जैसी योजनाओं ने करोड़ों घरों तक…

एआई के युग में इंसान को आगे रखने वाली क्षमताएँ
Special Articles

एआई के युग में इंसान को आगे रखने वाली क्षमताएँ

आज हम ऐसे युग में प्रवेश कर चुके हैं जहाँ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence – AI) हमारे जीवन, कामकाज और सोचने के तरीके को बदल रही है। एआई आज हर क्षेत्र—शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, बैंकिंग, उद्योग, मीडिया—में अपनी…

इतनी बिजली क्यों खाती है एआई
Special Articles

इतनी बिजली क्यों खाती है एआई

चंद्रभूषण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड कंप्यूटिंग की चर्चा अभी दुनिया में सबसे ज्यादा बिजली खाने वाली तकनीकों की तरह हो रही है। सन 2022 में लगाए गए हिसाब के मुताबिक ये दोनों उस समय दुनिया की दो फीसदी बिजली हजम कर रही…