इस एंटीबायोटिक के संभावनापूर्ण होने के बावजूद इसमें कुछ कमियां हैं। यह सिर्फ ऐसे बैक्टीरिया के खिलाफ काम करती है जिनमें बाहरी कोशिका दीवार नहीं होती। ऐसे बैक्टीरिया को ग्राम पॉजिटिव बैक्टीरिया कहा जाता है जिनमें टीबी और स्ट्रेप्टोकोकस शामिल है। यह ग्राम नेगिटिव बैक्टीरिया के खिलाफ बेअसर साबित हुई है जिनमें ई-कोलाई जैसे खतरनाक दवा-प्रतिरोधी जीवाणु शामिल हैं। इन सीमाओं के बावजूद नई एंटीबायोटिक की खोज और जीवाणुओं को विकसित करने के लिए खोजी गई नई विधि से उम्मीद है कि आने वाले वषों में शक्तिशाली एंटीबायोटिक दवाएं विकसित की जा सकेंगी।
इस एंटीबायोटिक के संभावनापूर्ण होने के बावजूद इसमें कुछ कमियां हैं। यह सिर्फ ऐसे बैक्टीरिया के खिलाफ काम करती है जिनमें बाहरी कोशिका दीवार नहीं होती। ऐसे बैक्टीरिया को ग्राम पॉजिटिव बैक्टीरिया कहा जाता है जिनमें टीबी और स्ट्रेप्टोकोकस शामिल है। यह ग्राम नेगिटिव बैक्टीरिया के खिलाफ बेअसर साबित हुई है जिनमें ई-कोलाई जैसे खतरनाक दवा-प्रतिरोधी जीवाणु शामिल हैं। इन सीमाओं के बावजूद नई एंटीबायोटिक की खोज और जीवाणुओं को विकसित करने के लिए खोजी गई नई विधि से उम्मीद है कि आने वाले वषों में शक्तिशाली एंटीबायोटिक दवाएं विकसित की जा सकेंगी।