Skip to content
Special Articles

चांद पर जल्द ही रहने लगेगा मानव

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने बताया है कि एयरोस्पेस क्षेत्र में सक्रिय निजी कंपनियां कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को लेकर बेहद उत्साहित है। अगर सब कुछ सही रहता है तो जब नासा के एस्ट्रोनॉट एक क्षुद्रग्रह का मुआयना करने क…

चांद पर जल्द ही रहने लगेगा मानव

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने बताया है कि एयरोस्पेस क्षेत्र में सक्रिय निजी कंपनियां कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को लेकर बेहद उत्साहित है। अगर सब कुछ सही रहता है तो जब नासा के एस्ट्रोनॉट एक क्षुद्रग्रह का मुआयना करने की यात्रा पर रवाना होंगे तो बहुत मुमकिन है कि निजी अंतरिक्षयात्री चन्द्रमा पर बसी मानव बस्ती में रह रहे हो।

नासा द्वारा कमीशन किए गए बिगेलो एयरोस्पेस द्वारा कराए गए एक शोध में यह बात सामने आई है। संस्थान के निदेशक राबर्ट बिगेलो ने बताया कि निजी कंपनियों ने इन परियोजनाओं को लेकर काफी रुचि दिखाई है। इन परियोजनाओं में आसपास के ग्रहों पर फार्माक्यूटिकल शोधों का माहौल तलाशना तथा चन्द्रमा पर जाने वाले मानवीय मिशनों से जुड़ी परियोजनाएं शामिल है। नासा का खुद का इरादा भी वर्ष 2025 तक अपने अंतरिक्ष स्टेशन कार्यक्रम में विस्तार करते हुए अंतरिक्षयात्रियों को एक क्षुद्रग्रह की यात्रा पर रवाना करने का है और इसके एक दशक बाद अंतरिक्ष यात्री मंगल ग्रह की यात्रा पर जा रहे होंगे। उल्लेखनीय है कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस वर्ष नासा के लिए 10.5 करोड़ डॉलर के बजट की घोषणा की है जिसके तहत इसे एक क्षुद्रग्रह को चन्द्रमा की कक्षा में स्थापित किया जाएगा और भविष्य में अंतरिक्ष यात्री इसके अध्ययन के लिए इसकी यात्रा पर जा रहे होंगे। (भाषा)
Continue reading

Special Articles

All in topic
एलपीजी का सशक्त विकल्प है बायोगैस
Special Articles

एलपीजी का सशक्त विकल्प है बायोगैस

डॉ. शशांक द्विवेदी परियोजना प्रबंधक , टीएसएससी (कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय , भारत सरकार) भारत आज ऊर्जा परिवर्तन के एक महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है। एक ओर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना जैसी योजनाओं ने करोड़ों घरों तक…

एआई के युग में इंसान को आगे रखने वाली क्षमताएँ
Special Articles

एआई के युग में इंसान को आगे रखने वाली क्षमताएँ

आज हम ऐसे युग में प्रवेश कर चुके हैं जहाँ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence – AI) हमारे जीवन, कामकाज और सोचने के तरीके को बदल रही है। एआई आज हर क्षेत्र—शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, बैंकिंग, उद्योग, मीडिया—में अपनी…

इतनी बिजली क्यों खाती है एआई
Special Articles

इतनी बिजली क्यों खाती है एआई

चंद्रभूषण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड कंप्यूटिंग की चर्चा अभी दुनिया में सबसे ज्यादा बिजली खाने वाली तकनीकों की तरह हो रही है। सन 2022 में लगाए गए हिसाब के मुताबिक ये दोनों उस समय दुनिया की दो फीसदी बिजली हजम कर रही…