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क्यूकि डॉट कॉम

फिल्म निर्देशक शेखर कपूर और संगीत निर्देशक एआर रहमान आखिरकार क्यूकि को मैदान में ले आए हैं। क्यूकि डॉट कॉम की चर्चा इस साल की शुरुआत से है, लेकिन यह लॉन्च बीते बुधवार को हुई। यह रचनात्मकता को बढ़ावा देने के मकसद से तैयार…

क्यूकि डॉट कॉम

फिल्म निर्देशक शेखर कपूर और संगीत निर्देशक एआर रहमान आखिरकार क्यूकि को मैदान में ले आए हैं। क्यूकि डॉट कॉम की चर्चा इस साल की शुरुआत से है, लेकिन यह लॉन्च बीते बुधवार को हुई। यह रचनात्मकता को बढ़ावा देने के मकसद से तैयार सोशल नेटवर्किंग साइट है। वेबसाइट को तीन हिस्सों में बांटा गया है, क्रिएशन, कम्युनिटी और इंस्पिरेशन। सामान्य शब्दों में यह साइट हुनर के प्रदर्शन का मंच है, जहां लेखक, संगीतकार, अभिनेता, निर्देशक, फोटोग्राफर और पेंटर समेत तमाम लोग अपना प्रोफाइल बना अपने हुनर को बड़ा मंच दे सकते हैं। उपयोक्ताओं का कंटेंट देखने के लिए दिग्गजों की टीम है। इनमें रंजीत बारोट, इम्तियाज अली, चेतन भगत और सुरेश नटराजन जैसे लोग शामिल हैं। क्यूकि की सफलता-विफलता के बारे में अभी कोई टिप्पणी नहीं की जा सकती, लेकिन इसमें कोई दोराय नहीं कि इसे तुम्भीडॉटकॉम और टैलेंटहाउस जैसी लोकप्रिय साइटों से टक्कर लेनी है। तुम्भीडॉटकॉम से अनुराग कश्यप जैसे निर्देशक जुड़े हुए हैं। सवाल सिर्फ इन दो-तीन साइटों का नहीं है। सवाल है सोशल मीडिया के हुनर प्रदर्शन के मंच के तौर पर इस्तेमाल का। इंटरनेट के जरिये अभी तक मनोरंजन, ऑनलाइन गेम्स खेलने, चैटिंग करने और अलग अलग विषयों की वेबसाइट्स सर्फ करने तक सीमित था, लेकिन धीरे-धीरे वेब को टीवी का विकल्प बनाने की कोशिश होने लगी है। इस कड़ी में ऑनलाइन वेब शो और टैलेंट हंट कार्यक्रमों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हाल के दिनों में कई ऐसे उदाहरण सामने आए हैं, जब ऑनलाइन दुनिया में हुनर को तलाशा और तराशा गया। मिसाल के तौर पर द हंट सीरियल को लीजिए। रोमांच और खौफ से भरपूर हिंदी के इस धारावाहिक को किसी चैनल पर नहीं बल्कि सोशल नेटवर्रि्कग साइट आईबीबो पर प्रसारित किया गया था। अहम बात यह भी है कि इस सस्पेंस थ्रिलर के कलाकारों से लेकर पटकथा लेखक और निर्देशक तक ऑनलाइन ऑडिशन से ही चुने गए। वेब रिएलिटी शो या द हंट जैसा वेब धारावाहिक इस मायने में अलग है कि यहां हिस्सा लेने वाले प्रतियोगियों को अपना हुनर दिखाने के लिए उस तरह मारामारी नहीं करनी पड़ती, जिस तरह टीवी चैनलों में होती है। वेब आधारित टैलेंट हंट में प्रतियोगी अपने हुनर की वीडियो रिकॉर्डिंग संबंधित साइट पर अपलोड कर देते हैं, जहां अमूमन साइट के सदस्यों के वोट के आधार पर चुनाव होता है। टैलेंटहाउस पर अक्सर कोई न कोई प्रतियोगिता चलती रहती है। हाल ही में शंकर महादेवन ने हंगामा डॉटकॉम के साथ मिलकर ऑनलाइन सिंगिंग टैलेंट हंट मोबीजर आयोजित किया था। भारत में इंटरनेट के बढ़ते दायरे और बेहतर होती नेट स्पीड के बीच वेब शो और ऑनलाइन टैलेंट हंट साइट की लोकप्रियता बढ़ना तय है। इंटरनेट अपनी प्रकृति में लोकतांत्रिक है यानी इस माध्यम के जरिये अपना हुनर दिखाने के लिए किसी पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। इंटरनेट पर उन विषयों के कार्यक्रमों के लिए भी बहुत संभावनाएं हैं, जिनके लिए छोटे पर्दे पर जगह नहीं है। लिहाजा, अलग अलग किस्म के हुनर को ऑनलाइन खोजने की शुरुआत आने वाले दिनों में तेजी से दिखाई दे सकती है। भारतीय टीवी चैनलों पर रिएलिटी शो में दिखने वाली गांव-देहात की कुछ प्रतियोगिताएं प्रतिभा का सिर्फ ट्रेलर हैं। वेब सीरियल और रिएलिटी शो प्रतिभा की बहुआयामी खान को दुनिया के सामने ला सकते हैं। इंटरनेट के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा अभी बड़ी समस्या है, लेकिन इस क्षेत्र में धीरे-धीरे सुधार हो रहे हैं। फिलहाल, जरूरत इस बात की है कि वेब कार्यक्रमों में छोटे शहरों के नौजवानों की भागीदारी ज्यादा से ज्यादा हो और इसमें हिस्सा लेने वाले युवाओं को पहचान के साथ धन भी मिले। युवा में गाने-नाचने से लेकर मॉडलिंग-एक्टिंग तक किस्म-किस्म की प्रतिभाएं हैं, लेकिन उनके पास कोई मंच नहीं है। क्यूकि जैसी साइट इस स्थिति को बदल सकती हैं।
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#पीयूष पांडे
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