इस रिएक्टर में जो उच्च दबाव पर सामान्य पानी इस्तेमाल करने की तकनीक है, वह हमारे परमाणु बिजलीघरों में भारी पानी पर आधारित तकनीक से अलग है और इस नई तकनीक में महारत हमारे लिए बिजली उत्पादन में भी उपयोगी साबित हो सकती है। भारत की समुद्री सीमा बहुत बड़ी है और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। हिंद महासागर में अपने सामरिक और व्यापारिक हितों की खातिर भारत को उच्च तकनीक पर आधारित नौसैनिक साजो-सामान चाहिए। चाहे परमाणु पनडुब्बी हो या विमानवाहक जहाज, ये किसी देश की नौसैनिक पहुंच हजारों किलोमीटर तक कर देते हैं। सिर्फ इनकी मौजूदगी का ही ऐसा असर होता है, जैसा छोटे और सीमित क्षमता के हथियारों के इस्तेमाल का भी नहीं होता। इसके अलावा उच्च तकनीक के क्षेत्र में जो कुछ सैनिक उपलब्धि होती है, उसका फायदा देश को कई और क्षेत्रों में भी मिलता है। इस मायने में इन दिनों की ये उपलब्धियां देश को दूरगामी फायदा पहुंचाएंगी।(ref-Hindustan)
इस रिएक्टर में जो उच्च दबाव पर सामान्य पानी इस्तेमाल करने की तकनीक है, वह हमारे परमाणु बिजलीघरों में भारी पानी पर आधारित तकनीक से अलग है और इस नई तकनीक में महारत हमारे लिए बिजली उत्पादन में भी उपयोगी साबित हो सकती है। भारत की समुद्री सीमा बहुत बड़ी है और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। हिंद महासागर में अपने सामरिक और व्यापारिक हितों की खातिर भारत को उच्च तकनीक पर आधारित नौसैनिक साजो-सामान चाहिए। चाहे परमाणु पनडुब्बी हो या विमानवाहक जहाज, ये किसी देश की नौसैनिक पहुंच हजारों किलोमीटर तक कर देते हैं। सिर्फ इनकी मौजूदगी का ही ऐसा असर होता है, जैसा छोटे और सीमित क्षमता के हथियारों के इस्तेमाल का भी नहीं होता। इसके अलावा उच्च तकनीक के क्षेत्र में जो कुछ सैनिक उपलब्धि होती है, उसका फायदा देश को कई और क्षेत्रों में भी मिलता है। इस मायने में इन दिनों की ये उपलब्धियां देश को दूरगामी फायदा पहुंचाएंगी।(ref-Hindustan)