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नेत्रहीन व्यक्तियों के लिए डिवाइस

नेत्रहीन व्यक्तियों के लिए सबसे खुशी की बात क्या हो सकती है? यही कि वो इस दुनिया की खूबसूरती को देख सकें. अपने दोस्तों और करीबियों को देख सकें. उनकी यह इच्छा अब जल्द ही पूरी हो सकती है. हममें से कई यह कह सकते हैं कि आंखो…

नेत्रहीन व्यक्तियों के लिए डिवाइस


नेत्रहीन व्यक्तियों के लिए सबसे खुशी की बात क्या हो सकती है? यही कि वो इस दुनिया की खूबसूरती को देख सकें. अपने दोस्तों और करीबियों को देख सकें. उनकी यह इच्छा अब जल्द ही पूरी हो सकती है. हममें से कई यह कह सकते हैं कि आंखों के प्रत्यर्पण से यह संभव हो सकता है. लेकिन, हम इस बात से भी वाकिफ हैं कि दुनिया में नेत्रहीन लोगों की तादाद काफी अधिक है और सभी के लिए आंखों का प्रत्यर्पण संभव नहीं है. इसके बावजूद उन्हें हताश या निराश होने की जरूरत नहीं है. दरअसल, हिब्रयू यूनिवर्सिटी ऑफ येरुशलम ने एक ऐसे डिवाइस को विकसित किया है, जिसके जरिये नेत्रहीनों का देखना संभव हो सकता है. संवेदक प्रतिस्थापन डिवाइस (एसएसडी) के प्रयोग के जरिए नेत्रहीनता के लिए निर्धारित किये गये अंतराष्ट्रीय मानक से भी छोटे अक्षरों को पढ.ा जा सकता है. इसके लिए नेत्रहीनों को प्रशिक्षण भी दिया जाता है. हिब्रयू यूनिवर्सिटी ऑफ येरुशलम में आठ नेत्रहीन व्यक्तियों पर इस डिवाइस की जांच की गयी और वे सभी विश्‍व स्वास्थ्य संगठन द्वारा नेत्रहीनता के निर्धारित मानक से छोटे अक्षर को पढ.ने में सफल रहे. इसके लिए स्नेलन जांच की मदद ली गयी. यह ऐसी जांच है, जिसका इस्तेमाल चिकित्सक नेत्र जांच में करते हैं. इसमें अलग-अलग दिशाओं और आकार में लिखे अक्षरों को पढ.ने के लिए कहा जाता है. हिब्रयू यूनिवर्सिटी ऑफ येरुशलम के वैज्ञानिकों का कहना है कि यह डिवाइस छोटे अक्षरों को साउंड स्केप्स में बदल देता है. इस प्रक्रिया में कलन गणित (अल्गेरिद्म) की मदद ली जाती है. यह डिवाइस उपयोगकर्ता को अक्षरों को सुनने और उसे दृश्य सूचना में व्याख्या करने में मदद करता है.
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