Skip to content
Special Articles

दिल्ली और मुंबई को सबसे पहले मिलेगा मिसाइल रक्षा कवच

हवाई खतरों की बढ़ती आशंका को देखते हुए देश के दो सबसे अहम महानगरों दिल्ली और मुंबई को बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा कवच प्रणाली (बीएमडी) से जोड़ने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) का यह प…

दिल्ली और मुंबई को सबसे पहले मिलेगा मिसाइल रक्षा कवच
हवाई खतरों की बढ़ती आशंका को देखते हुए देश के दो सबसे अहम महानगरों दिल्ली और मुंबई को बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा कवच प्रणाली (बीएमडी) से जोड़ने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) का यह प्रयोग सफल रहा तो देश के अन्य प्रमुख शहरों को भी मिसाइल रक्षा कवच मिल जाएगा। फिलहाल इस प्रणाली को लगाने के लिए सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की मंजूरी का इंतजार है। डीआरडीओ ने इस दिशा में पहला परीक्षण 2006 में किया था। सूत्रों के मुताबिक इन दोनों शहरों को बीएमडी प्रणाली से लैस करने के लिए रणनीतिक स्तर पर योजना बनाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस परियोजना का विश्लेषण करने के बाद तैयार प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए सरकार के समक्ष रखा जाएगा। योजना के स्तर पर दुश्मन के मिसाइल को टै्रक करने के लिए रडार लगाने और जवाबी हमले करने की रूपरेखा तय की जाएगी। इसके तहत जवाबी हमले के लिए बैलिस्टिक मिसाइल तैनात किए जाएंगे जो दुश्मनों की मिसाइल को नष्ट करने में सक्षम होंगे। अमेरिका, रूस और इजरायल के बाद इस प्रणाली से लैस होने वाला भारत विश्व का चौथा देश बन जाएगा। इस प्रणाली के तहत लगाए जाने वाले बैलिस्टिक मिसाइल की मारक क्षमता दो हजार किलोमीटर तक की है। 2016 तक इसे पांच हजार किमी तक करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सूत्रों ने बताया कि बीएमडी प्रणाली में मानवीय हस्तक्षेप कम करने के लिए ऑटोमेटिक ट्रैकिंग उपकरण लगाए गए हैं। इसके तहत दुश्मन मिसाइल पर हमला करने के लिए मानवीय रूप से कमांड देने की जरूरत नहीं होगी। मानवीय हस्तक्षेप तभी किया जाएगा जब किसी कार्रवाई या जवाबी हमले को स्थगित करना हो।(Dainik Jagran)
Continue reading

Special Articles

All in topic
एलपीजी का सशक्त विकल्प है बायोगैस
Special Articles

एलपीजी का सशक्त विकल्प है बायोगैस

डॉ. शशांक द्विवेदी परियोजना प्रबंधक , टीएसएससी (कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय , भारत सरकार) भारत आज ऊर्जा परिवर्तन के एक महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है। एक ओर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना जैसी योजनाओं ने करोड़ों घरों तक…

एआई के युग में इंसान को आगे रखने वाली क्षमताएँ
Special Articles

एआई के युग में इंसान को आगे रखने वाली क्षमताएँ

आज हम ऐसे युग में प्रवेश कर चुके हैं जहाँ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence – AI) हमारे जीवन, कामकाज और सोचने के तरीके को बदल रही है। एआई आज हर क्षेत्र—शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, बैंकिंग, उद्योग, मीडिया—में अपनी…

इतनी बिजली क्यों खाती है एआई
Special Articles

इतनी बिजली क्यों खाती है एआई

चंद्रभूषण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड कंप्यूटिंग की चर्चा अभी दुनिया में सबसे ज्यादा बिजली खाने वाली तकनीकों की तरह हो रही है। सन 2022 में लगाए गए हिसाब के मुताबिक ये दोनों उस समय दुनिया की दो फीसदी बिजली हजम कर रही…