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टी-शर्ट करेगा मोबाइल चार्ज

समय बीता, टेलीफोन की जगह मोबाइल ने ले ली. भारी-भरकम संचार तंत्र घर की चारदीवारी से निकलकर हमारी जेब में पहुंच गया. दक्षिण कैरोलिना विश्‍वविद्यालय के जियोडोंग ली, सेल फोन आदि इलेक्ट्रॉनिक गैजेट को दैनिक जीवन के और करीब ला…

टी-शर्ट करेगा मोबाइल चार्ज
समय बीता, टेलीफोन की जगह मोबाइल ने ले ली. भारी-भरकम संचार तंत्र घर की चारदीवारी से निकलकर हमारी जेब में पहुंच गया. दक्षिण कैरोलिना विश्‍वविद्यालय के जियोडोंग ली, सेल फोन आदि इलेक्ट्रॉनिक गैजेट को दैनिक जीवन के और करीब लाने की कोशिश में लगे हैं. मैकेनिकल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर ली के अनुसार आने वाले दिनों में कॉटन टी-शर्ट इलेक्ट्रिकल ऊर्जा के प्रमुख स्रोत के रू प में काम करने लगेगा. जिससे सेल फोन या आइपैड आदि इलेक्ट्रॉनिक गैजेट को चार्ज किया जायेगा. ली और उनके सहयोगी ने ऐसी तकनीक ईजाद करने के लिए कॉटन टी-शर्ट को फ्लूराइड की घोल में पूरी तरह डूबोया. फिर ऊंचे तापमान पर उसकी सिकाई की गयी. इससे प्राप्त फेब्रिक के फाइबर को इंफ्रारेड स्पेक्ट्रोस्कोपी की मदद से सक्रिय कार्बन में तब्दील कर दिया गया. इसका लचीलापन बरकरार रखा गया. जो कि टी-शर्ट के मुड़ने और पहनने पर नहीं टूटेगा. बाजार में जल्दी ही मो.डे जा सकने वाले सेल फोन और लैपटॉप कंप्यूटर आने वाले है. उसी के तर्ज पर वैज्ञानिकों ने फ्लेक्जिबल एनर्जी स्टोरेज डिवाइस की कल्पना की थी. सक्रिय कार्बन कैपेसिटर का काम करता है. कैपेसिटर प्रत्येक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का प्रमुख हिस्सा होता है. इसमें विद्युत आवेश संग्रहित होते हैं. टी-शर्ट का सक्रिय कार्बन टेक्सटाइल डबल लेयर कैपेसिटर का काम करेगा. जिसे सुपर कंडक्टर भी कहा जाता है. इनमें ऊर्जा स्टोर करने की क्षमता ज्यादा होती है. ली ने इसे और बेहतर बनाने के लिए सक्रिय कार्बन टेक्सटाइल के प्रत्येक फाइबर पर मैंगनीज ऑक्साइड नैनोफ्लावर्स का लेप चढ.या है. इससे फेबरिक के इलेक्ट्रोड की क्षमता बढ. गयी है.
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