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एक दशक बाद चांद पर रहने लगेगा इंसान

नासा द्वारा कराए गए एक अध्ययन के अनुसार करीब एक दशक बाद इंसान चांद पर रहने में कामयाब हो जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस अध्ययन में ह्यूमन मिशन को फिर से चांद पर ले जाने की योजना का खाका खींचा गया है। अमेरिकन न्यूज ऐंड टे…

एक दशक बाद चांद पर रहने लगेगा इंसान
नासा द्वारा कराए गए एक अध्ययन के अनुसार करीब एक दशक बाद इंसान चांद पर रहने में कामयाब हो जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस अध्ययन में ह्यूमन मिशन को फिर से चांद पर ले जाने की योजना का खाका खींचा गया है। अमेरिकन न्यूज ऐंड टेक्नॉलजी मीडिया नेटवर्क- द वर्ज की रिपोर्ट के मुताबिक इस बारे में 20 जुलाई को अपोलो-11 के क्रू के चांद की सतह पर पहले कदम रखने की 46वीं सालगिरह के मौके पर घोषणा की गई। नेक्सजेन स्पेस एलएलसी ने अपने एक अध्ययन में इस बारे में विस्तार से योजना बनाई है कि चांद पर उतरने के लिए अगला कदम कब और कैसे उठाया जाना है। इस अध्ययन के लिए नासा ने ही फंड उपलब्ध कराया था। अध्ययन में कहा गया है कि अगर नासा बताई गई योजना पर काम करे तो 2017 तक चांद पर रोबॉट भेजकर उसे सुरक्षित वापस बुलाया जा सकेगा। इसके बाद रोवर्स 2018 से 2020 तक हाईड्रोजन की तलाश के लिए चांद के ध्रुवों का चक्कर लगाना शुरू करेंगे। 2021 में इंसानों को चांद पर उतारने के लिए रोबॉट्स वहां स्थायी बेस बनाएंगे। अध्ययन में कहा गया है कि नासा यह सब अपने मौजूदा बजट में ही कर सकती है। नासा पहले ही अपने अगली पीढ़ी के रॉकेट- स्पेस लॉन्च सिस्टम (एसएलएस) के साथ चांद पर जाने की योजना बना रहा है, लेकिन वहीं जमने की कोई योजना नहीं है।
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