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आइंस्टीन के बराबर पहुंचे पीटर हिग्स!

नोबेल पुरस्कार विजेता पीटर हिग्स को दुनिया का सबसे पुराने वैज्ञानिक पुरस्कार रॉयल सोसायटी के कोपले मेडल से नवाजा गया। ये पुरस्कार जीतने के साथ ही हिग्स, चार्ल्स डार्विन और अल्बर्ट आइंस्टीन की श्रेणी में शामिल हो गए। उन्ह…

आइंस्टीन के बराबर पहुंचे पीटर हिग्स!
नोबेल पुरस्कार विजेता पीटर हिग्स को दुनिया का सबसे पुराने वैज्ञानिक पुरस्कार रॉयल सोसायटी के कोपले मेडल से नवाजा गया। ये पुरस्कार जीतने के साथ ही हिग्स, चार्ल्स डार्विन और अल्बर्ट आइंस्टीन की श्रेणी में शामिल हो गए। उन्हें हिग्स बोसोन के सिद्धांत पर काम करने के लिए यह पुरस्कार मिला है जिसका आविष्कार 2012 में किया गया था। 86 वर्षीय हिग्स को कोपले मेडल पार्टिकल फिजिक्स में उनके मूल योगदान को देखते हुए दिया गया है जिसमें मौलिक कणों में द्रव्यमान की उत्पति के सिद्धांत का जिक्र है। इसका लार्ज हैड्रोन कोलाइडर पर प्रयोग कर पुष्टि भी की गई है। हिग्स बोसोन के अस्तित्व की पुष्टि दो प्रयोगों से हुई जिसे लार्ज हैड्रन कोलाइडर में 2012 में किया गया। साल 2013 का भौतिकी का नोबेल पुरस्कार संयुक्त रूप से हिग्स और एंगलर्ट को दिया गया था। हिग्स ने कहा, इस साल का कोपले मेडल पुरस्कार प्राप्त करना सम्मान की बात है जो रायल सोसायटी का प्रतिष्ठित पुरस्कार है। इसलिए दिया जाता अवॉर्ड इसे वैज्ञानिक शोध में उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए दिया जाता है और हाल में इसे मशहूर वैज्ञानिकों जैसे भौतिकीविद स्टीफन हॉकिंग, डीएनए फिंगरप्रिंट के वैज्ञानिक एलेक जेफरेज और आंद्रे गीम को ग्रेफेन के आविष्कार के लिए दिया गया।

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